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आलोक वर्मा के खिलाफ जांच शुरु!लालू परिवार के ठिकानों पर रेड मारने से किया था मना alok verma 660x330

आलोक वर्मा के खिलाफ जांच शुरु!लालू परिवार के ठिकानों पर रेड मारने से किया था मना

एक अन्य आरोप में अस्थाना ने आलोक वर्मा पर IRCTC घोटाले में रेड मारने से मना करने का आरोप लगाया था। बता दें कि इस घोटाले में बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव का नाम आरोपियों के तौर पर शामिल है।

आलोक वर्मा के खिलाफ जांच शुरु!लालू परिवार के ठिकानों पर रेड मारने से किया था मना alok verma
छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई के संयुक्त निदेशक राकेश अस्थाना ने सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ दी गई अपनी शिकायत में लालू यादव से जुड़े IRCTC घोटाले, मोईन कुरैशी मामले में रिश्वत लेने और कोल घोटाले पर इंटेलीजेंस रिपोर्ट को इग्नोर करने के आरोप लगाए थे। अब खबर आयी है कि सीवीसी (सेंट्रल विजिलेंस कमीशन) ने अब इन मामलों की जांच शुरु कर दी है। आलोक वर्मा के खिलाफ जांच में दखलअंदाजी करने और भ्रष्टाचार जैसे 9 आरोप लगे हैं, जिन्हें सीवीसी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अगले 2 हफ्ते में अपनी जांच पूरी करनी होगी। बता दें कि आलोक वर्मा ने राकेश अस्थाना पर मोईन कुरैशी केस में सतीश बाबू साना को राहत देने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
वहीं अस्थाना ने 24 अगस्त को कैबिनेट सचिव को लिखे एक पत्र में आलोक वर्मा के खिलाफ भी ऐसे ही आरोप लगाए थे। अस्थाना ने आलोक वर्मा के खिलाफ लगाए गए अपने आरोपों के संबंध में दस्तावेज भी पेश किए हैं।  अस्थाना ने आलोक वर्मा पर आरोप लगाया है कि सतीश बाबू साना ने मोईन कुरैशी केस में क्लीन चिट देने के बदले आलोक वर्मा को 2 करोड़ रुपए की रिश्वत दी थी।
एक अन्य आरोप में अस्थाना ने आलोक वर्मा पर IRCTC घोटाले में रेड मारने से मना करने का आरोप लगाया था। बता दें कि इस घोटाले में बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव का नाम आरोपियों के तौर पर शामिल है। अस्थाना ने आरोप लगाया कि रेलवे के सीनियर अधिकारी राकेश सक्सेना का नाम भी इस घोटाले की एफआईआर से दूर रखा गया।इनके अलावा अस्थाना ने आलोक वर्मा पर कोल घोटाले में इंटेलीजेंस रिपोर्ट को दरकिनार कर आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी नहीं करने का भी आरोप लगाया है। सीबीआई के स्पेशल निदेशक अस्थाना ने आलोक वर्मा पर एक अन्य मामले में भी आरोप लगाया है। अस्थाना की शिकायत के अनुसार एक मामला भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है।
अस्थाना के अनुसार, हरियाणा के नांगली, उमारपुर, तिगरा, उल्हावास समेत कई गांवों की जमीन का रेजिडेंशियल सेक्टर बनाने के लिए अधिग्रहण किया गया था। अस्थाना ने बताया कि उन्हें पता चला कि भूमि अधिग्रहण की यह जांच 36 करोड़ रुपए देकर इस मामले की जांच बंद करायी गई। अस्थाना का आरोप है कि तत्कालीन टाउन प्लानिंग निदेशक और एक रियल एस्टेट कंपनी के मालिक ज्वाइंट डायरेक्टर एके शर्मा और आलोक वर्मा के संपर्क में थे।
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