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राज्य सरकार की क्राइम और करप्शन पर जीरो टाॅलरेन्स की मंशा: मुख्यमंत्री PRESS 3 1 660x330

राज्य सरकार की क्राइम और करप्शन पर जीरो टाॅलरेन्स की मंशा: मुख्यमंत्री

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राज्य सरकार की क्राइम और करप्शन पर जीरो टाॅलरेन्स की मंशा: मुख्यमंत्री
विगत ढाई वर्ष में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है, भ्रष्टाचार पर भी ऐसा ही नियंत्रण होना चाहिए 
अपराध और भ्रष्टाचार दोनों मोर्चाें पर प्रभावी कार्रवाई के लिए जोन स्तर पर ए0डी0जी0 स्तर के सीनियर अधिकारी की नियुक्ति की गयी
ए0डी0जी0 जोन जनपद स्तर पर टीम की कार्यप्रणाली, संवेदनशीलता, प्रभावशीलता के सम्बन्ध में समय-समय पर शासन को अवगत करायंे
अपर पुलिस महानिदेशक जोन अपने अधीन जनपदों में रात्रि विश्राम करें
अपराधी प्रवृत्ति और भ्रष्ट व्यक्ति किसी भी स्थिति में थाने का थानाध्यक्ष नहीं बनना चाहिए
राज्य सरकार किसी को भी कानून से खिलवाड़ की छूट नहीं देने के लिए प्रतिबद्ध
जनपद-रेंज-जोन के अधिकारियों तथा पुलिस-एस0टी0एफ0 आदि विभिन्न एजेंसियों को पारस्परिक तालमेल के साथ कार्य करना चाहिए
चार्जशीट समय सीमा में दाखिल की जाए, इसकी समीक्षा भी की जाए
सभी 18 रेंज में साइबर थाना और फाॅरेन्सिक लैब एक परिसर में स्थापित किया जाए
डिस्ट्रिक्ट माॅनीटरिंग कमेटी में तीन तलाक से सम्बन्धित मामलों को लाकर उन्हें फास्ट ट्रैक कराया जाए
वर्तमान में प्रोफेशनल पुलिसिंग की दिशा में बढ़ने की आवश्यकतालखनऊ: 25 सितम्बर, 2019
     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य सरकार की क्राइम और करप्शन पर जीरो टाॅलरेन्स की मंशा स्पष्ट है। विगत ढाई वर्ष में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। ऐसा ही नियंत्रण भ्रष्टाचार पर भी होना चाहिए। इसके लिए पूरी सख्ती से कार्यवाही की आवश्यकता है। यही पुलिस प्रशासन के सम्बन्ध में पर्सेप्शन का आधार भी बनेगा। उन्होंने कहा कि आम जनता से थाने में जिस प्रकार का व्यवहार होगा उसी से पुलिस के प्रति सामान्यजन में छवि बनेगी। इसके दृष्टिगत थानों में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पुलिस में पब्लिक के प्रति संवेदनशीलता का भाव आवश्यक है। वर्तमान में प्रोफेशनल पुलिसिंग की दिशा में बढ़ने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में सभी जोन के अपर पुलिस महानिदेशकों की बैठक में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार दोनों मोर्चाें पर प्रभावी कार्रवाई के लिए जोन स्तर पर ए0डी0जी0 स्तर के सीनियर अधिकारी की नियुक्ति की गयी है। पुलिस के प्रति पर्सेप्शन को बदलने के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक रूप से पुलिस में भ्रष्टाचार को हर-हाल में रोकना होगा। इसके लिए अभियान चलाकर जोन स्तर से कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है। इसलिए ए0डी0जी0 जोन जनपद स्तर पर टीम की कार्यप्रणाली, संवेदनशीलता, प्रभावशीलता के सम्बन्ध में समय-समय पर शासन को अवगत करायंे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक को थानाध्यक्षों की नियुक्ति की स्वतंत्रता इसलिए दी गयी है कि वह मानक, मेरिट और अन्य आवश्यक तथ्यों को ध्यान में रखकर उनकी नियुक्ति करें। थाना ही पुलिस प्रशासन के प्रति पर्सेप्शन का आधार है। थाने में अच्छी तैनाती से पुलिस के प्रति अच्छा पर्सेप्शन भी बनेगा। उन्होंने कहा कि अपराधी प्रवृत्ति और भ्रष्ट व्यक्ति किसी भी स्थिति में थाने का थानाध्यक्ष नहीं बनना चाहिए। ए0डी0जी0 जोन को इसकी समीक्षा करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अपर पुलिस महानिदेशक जोन अपने अधीन जनपदों में रात्रि विश्राम करें। इस दौरान उन्हें थाना, पुलिस लाइन, पुलिस चैकी, यू0पी0-100 आदि की प्रभावी समीक्षा करनी चाहिए। यह कार्यक्रम आकस्मिक होना चाहिए। पुलिसिंग औपचारिकता से नहीं हो सकती। इसके लिए रुचि लेकर कार्य करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो स्वतः स्फूर्त ढंग से कार्य करने की प्रवृत्ति नहीं रखते, उन्हें सक्रिय करने के लिए इस तरह भय पैदा करना आवश्यक है। फील्ड में भ्रमण के दौरान अच्छा कार्य करने वाले को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। साथ ही, संदेहास्पद को चेतावनी तथा गलत कार्य करने वाले के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई करने में संकोच नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस सकुशल, शांतिपूर्ण तथा निर्विघ्न रूप से बड़े आयोजन सम्पन्न कराने में सक्षम है। प्रयागराज कुम्भ-2019, 15वां प्रवासी भारतीय दिवस, लोक सभा का आम चुनाव, कांवड़ यात्रा एवं अनेक पर्व और त्योहार का शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होना इसका प्रमाण है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार किसी को भी कानून से खिलवाड़ की छूट नहीं देने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस प्रशासन को भी इसे ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए। छोटी-छोटी समस्याओं का रुचि लेकर समयबद्ध समाधान कराया जाना चाहिए। जहां पर विधिवत पर्यवेक्षण होता है, वहां पर अपराध शून्य हो जाता है, अन्यथा घटनाएं घटती हैं। इसे ध्यान में रखकर कार्य किया जाना चाहिए। बाइकर्स गिरोह, गौ-तस्करी की घटनाओं, बच्चा चोरी की घटनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रयास कर इन घटनाओं को रोका जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पुलिस पर प्रदेश की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, इसलिए जनपद-रेंज-जोन के अधिकारियों तथा पुलिस-एस0टी0एफ0 आदि विभिन्न एजेंसियों को पारस्परिक तालमेल के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी पर्व और त्योहार यथा शारदीय नवरात्र, विजयदशमी के जुलूस, रामलीलाओं जैसे देर रात तक होने वाले आयोजन, दीपावली आदि को ध्यान में रखकर पूरी सतर्कता से तैयारी की जानी चाहिए। इसके लिए थाना स्तर पर बैठकें आवश्यक हैं। धार्मिक नेताओं, जनप्रतिनिधियों तथा पुलिस की विभिन्न इकाइयों के बेहतर समन्वय से यह कार्यक्रम भलीभांति सम्पन्न कराए जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसी घटना का गलत पर्दाफाश होने पर अपराध बढ़ता है। वास्तविक अपराधी को ही सजा मिलनी चाहिए। चार्जशीट समय सीमा में दाखिल की जाए, इसकी समीक्षा भी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अपराध की प्रवृत्ति बदल गई है। इसलिए सभी 18 रेंज में साइबर थाना और फाॅरेन्सिक लैब की स्थापना आवश्यक है। इन संस्थाओं को एक परिसर में स्थापित किया जाना उपयुक्त रहेगा। इनकी स्थापना के लिए भारत सरकार के पुलिस आधुनिकीकरण के बजट से सहयोग लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी 17 नगर निगमों को स्मार्ट व सेफ्टी सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां स्थापित होने वाले सी0सी0टी0एन0एस0 का लाभ भी उठाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पाॅस्को एक्ट में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए जनपद स्तरीय माॅनीटरिंग कमेटी में प्रतिमाह 10-10 मामले उपलब्ध कराने के अच्छे परिणाम आए हैं। कई मामलों में कम समय में अपराधियों को सजा हुई है। इस तथ्य का प्रचार और प्रसार कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि डी0एम0 और एस0एस0पी0 द्वारा डिस्ट्रिक्ट माॅनीटरिंग कमेटी में तीन तलाक से सम्बन्धित मामलों को लाकर उन्हें फास्ट ट्रैक कराया जाना चाहिए। इससे जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा। जनविश्वास से अपराध नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जेलों की व्यवस्था में सुधार हुआ है, किन्तु अभी काफी सुधार की गुंजाइश है। इसलिए जेलों की रैण्डम चेकिंग की जानी चाहिए। इंटेलीजेंस व्यवस्था को सुदृढ़ किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रेलवे में होने वाली घटनाएं भी शासन की छवि को प्रभावित करती हैं। इसके दृष्टिगत यह सुनिश्चित किया जाए कि रेलवे में पुलिस द्वारा यात्रियों से दुव्र्यवहार न हो। गुण्डा तत्वों पर नियंत्रण लगाया जाए तथा लूट-डकैती आदि घटनाओं को रोकने के लिए समुचित कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने गृह विभाग के बजट में 06 हजार 500 करोड़ रुपए की वृद्धि की है। इसे पुलिस लाइन रहित जनपदों में पुलिस लाइन के निर्माण तथा पुलिस कर्मियों के लिए आवासीय सुविधा, थाने, पुलिस चैकियों आदि में आधारभूत सुविधाओं पर व्यय किया जाना है। उन्होंने कहा कि इसमें से अभी तक काफी कम धनराशि व्यय हुई है। जनपद स्तर से प्रस्ताव प्राप्त कर निर्धारित आवश्यक सुविधाओं के निर्माण पर इसे समयबद्ध ढंग से व्यय किया जाए।
इससे पूर्व, अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने अपराध नियंत्रण के लिए अभियोजन को सुदृढ़ करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि जहां पर पुलिस की कार्रवाई सख्ती से की गई है, वहां पर सुधार दिखायी दिया है। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से थाने, पुलिस चैकी और अग्निशमन की व्यवस्था में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की कार्रवाई संचालित है। उन्होंने फाॅरेन्सिक लैब के निर्माण की कार्रवाई के सम्बन्ध में भी जानकारी दी।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री ओ0पी0 सिंह द्वारा पुलिस की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों, सरोकारों, आगामी चुनौतियों आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री जी ने सभी जोन के अपर पुलिस महानिदेशकों द्वारा उनके जोन में पुलिस की कार्ययोजना के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की।

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