Wednesday , December 19 2018 [ 9:26 PM ]
Breaking News
Home / अन्य / सिर्फ यही नेता राजस्थान में लगातार दो बार बन सका है बीजेपी से मुख्यमंत्री,तीसरी बार भी बनने की उम्मीद
सिर्फ यही नेता राजस्थान में लगातार दो बार बन सका है बीजेपी से मुख्यमंत्री,तीसरी बार भी बनने की उम्मीद hhh

सिर्फ यही नेता राजस्थान में लगातार दो बार बन सका है बीजेपी से मुख्यमंत्री,तीसरी बार भी बनने की उम्मीद

यहां बीजेपी एक बार ही लगातार सत्ता में आ सकी है. अगर इस बार बीजेपी के पक्ष में रिजल्ट आता है तो यह बीजेपी के पिछले रिकॉर्ड की बराबरी होगा.

 सिर्फ यही नेता राजस्थान में लगातार दो बार बन सका है बीजेपी से मुख्यमंत्री,तीसरी बार भी बनने की उम्मीद hhh 300x206  200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा की 199 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो चुका है. 11 दिसंबर को चुनाव परिणाम सामने आएंगे. इसके साथ ही चार अन्य राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिज़ोरम और तेलंगाना की नई सरकारों का भी फैसला होगा. राजस्थान आज भी देश के उन चंद राज्यों में से है, जहां हमेशा मुकाबला दोतरफा ही रहता है. और हर पांच साल बाद सरकार बदल जाती है. हालांकि कभी यह राज्य कांग्रेस का गढ़ रहा है और बीजेपी ने पहली बार यहां सफलता का स्वाद 1990 में चखा था. लेकिन 1993 से ही जो क्रम यहां हर बार विरोधी पार्टी की सरकार बनने का लगा अभी तक बंद नहीं हुआ है.
2013 में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था. और बीजेपी को 200 में से 163 सीटें मिली थीं. इन चुनावों में कांग्रेस मात्र 21 सीटों पर सिमट गई थी. इसके अलावा नेशनल पीपुल्स पार्टी ने यहां 4 सीटें और बसपा ने तीन सीटें जीतीं थीं.राजस्थान विधानसभा के बारे में कुछ इंस्ट्रेस्टिंग फैक्ट्स जिन्हें आप शायद न जानते हों –
  • राजस्थान में पहली बार 1952 में चुनाव हुए थे. और कांग्रेस के सीएस वेंकटाचारी पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री बने थे.
    1. पण्डित हीरालाल शास्त्री (24 नवम्बर 1899 – 28 दिसम्बर 1974)) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी तथा राजनेता तथा वनस्थली विद्यापीठ के संस्थापक थे.
    1. तबसे यहां 14 बार चुनाव हो चुके हैं. इन चुनावों में 9 बार कांग्रेस की जीत हुई है और 4 बार बीजेपी की. और एक बार 1977 में इमरजेंसी के बाद जनता पार्टी की सरकार बनी थी.
    1. 1977 तक राजस्थान की राजनीति में केवल कांग्रेस का दबदबा था. जब पहली बार कांग्रेस का दबदबा केंद्र से खत्म हुआ, उसी दौरान राजस्थान में भी ऐसा हुआ.
    1. राजस्थान के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत थे. बाद में 1990 में जब राजस्थान में बीजेपी की पहली सरकार बनी तब वे ही फिर से मुख्यमंत्री बने थे.
    1. हालांकि 1980 में राजस्थान में फिर से कांग्रेस सत्ता में वापस आ गई थी. और फिर लगातार 1990 तक सत्ता में बनी रही, जब तक राज्य में पहली बार बीजेपी नहीं जीत गई.
    1. राज्य में दिसंबर, 1992 में बाबरी विध्वंस के बाद राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था और यह अगले करीब एक साल तक जारी रहा, जब तक भैरों सिंह शेखावत फिर से सत्ता में वापस नहीं आ गए. यह अभी तक राजस्थान के इतिहास में एक बार ही हो सका है कि बीजेपी लगातार दो बार सत्ता में आई हो. ऐसा हुआ था, 1990 और 1993 में हुए चुनावों में.
    1. 1990 में बीजेपी यहां पर 200 में से 85 सीटें जीती थी. जबकि 1993 में इसे 95 सीटों पर जीत मिली. तबसे हर पांचवे साल हो रहे चुनावों में सत्ता कांग्रेस और बीजेपी के बीच बदलती आई है.
    1. शेखावत 1990 से 1993, फिर 1993 से 1998 तक मुख्यमंत्री रहे. उसके बाद कांग्रेस के अशोक गहलोत 1998 से 2003 और 2008 से 2013 तक मुख्यमंत्री रहे.
    1. राजस्थान की वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भी दो बार मुख्यमंत्री बन चुकी हैं. वे पहली बार 2003 में मुख्यमंत्री बनीं और 2008 तक सरकार चलाई. इसके बाद वे दोबारा 2013 में मुख्यमंत्री बनीं.
    1. राजस्थान में अगर फिर से बीजेपी को जीत मिलती है और वसुंधरा मुख्यमंत्री बनती हैं तो वे भैरों सिंह शेखावत के रिकॉर्ड की लगातार दो बार बीजेपी से मुख्यमंत्री बनने के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगीं. लेकिन तमाम न्यूज चैनल्स के एग्जिट पोल के नतीजे उनके खिलाफ जाते ही दिख रहे हैं.
  1. बीजेपी ने 2013 में 163 सीटें जीतकर सीटों के मामले में अपने जीत का रिकॉर्ड बनाया था. 2003 में बीजेपी ने यहां पर 120 सीटें जीती थीं

About Arun Kumar Singh

Check Also

GST इफेक्ट :टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन समेत घरेलू उपकरण हुए सस्ते ll 310x165

GST इफेक्ट :टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन समेत घरेलू उपकरण हुए सस्ते

नयी दिल्ली : टीवी, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों जैसे सामान्य घरेलू इस्तेमाल के …

Leave a Reply

Copyright © 2017, All Right Reversed.