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SP-BSP के बीच गठबंधन का ऐलान, अखिलेश बोले- मैं चाहूंगा इस बार भी  PM यूपी से बने! bbb

SP-BSP के बीच गठबंधन का ऐलान, अखिलेश बोले- मैं चाहूंगा इस बार भी PM यूपी से बने!

लखनऊ,अरुण कुमार सिंह : लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन (SP-BSP Alliance) का ऐलान कर दिया है। सबसे पहले बसपा सुप्रीमो मायवाती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और कहा कि मोदी-शाह के गुरु चेले की नींद उड़ाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस है। इस दौरान उन्होंने सीटों का ऐलान करते हुए कहा कि दोनों दल 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। रायबरेली और अमेठी की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी गई है। 

SP-BSP के बीच गठबंधन का ऐलान, अखिलेश बोले- मैं चाहूंगा इस बार भी  PM यूपी से बने! bbb

 उन्होंने कहा कि लखनऊ गेस्ट हाउस कांड से ऊपर जनहित है। दोनों ही नेता ताज होटल में यह वार्ता कर रहे हैं। अखिलेश यादव यहां मायावती की अगवानी करेंगे। लोकसभा चुनाव के लिए दोनों नेता सीटों के बंटवारे का ऐलान करेंगे।

  • मायावती को पीएम बनाने के सवाल पर अखिलेश ने दिया बड़ा बयान, कहा यूपी ने हमेशी पीएम दिया है, मैं चाहूंगा इस बार भी यूपी से पीएम बने। 
  • एक सवाल को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सपा और बसपा का यह गठबंधन लंबा चलेगा। यूपी चुनाव के अलावा यह विधानसभा चुनाव तक भी चलेगा।
  • सपा के सभी कार्यकर्ता समझ लें, मायावती जी का अपमान मेरा अपमान है। भारत मां का कोई भी बेटा अगर ऐसा करता है तो वह गलत है: अखिलेश यादव

  • सपा और बसपा दोनों मिलकर भाजपा के अत्याचारों का मुकाबला करेंगे। भाजपा ने यूपी को जाति प्रदेश बनाया: मायावती
    जख्मी लोगों के इलाज से पहले आज उनकी जाति पूछी जा रही है, धर्म के नाम पर भाजपा समाज में नफरत बढ़ा रही है: अखिलेश
    भाजपा सरकार में बेकसूर लोगों के एनकाउंटर हो रहे हैं। बीजेपी ने समाज में नफरत बढ़ाई- अखिलेश यादव

  • गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किये जाने के बारे में बोलीं बसपा सुप्रीमो मायावती : उनके शासन के दौरान गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार में वृद्धि हुई
    अगर भाजपा ने पुर्व की तरह ईवीएम में गड़बड़ी नहीं की और राम मंदिर जैसे मुद्दों से धार्मिक भावनाओं को नहीं भड़काया तो बीजेपी एन्ड कंपनी को हम जरूर सत्ता में आने से रोकेंगें: मायावती
    38-38 सीटों पर सपा और बसपा चुनाव लड़ेंगे जबकि 2 सीटें अन्य दलों के लिए हैं और रायबरेली तथा अमेठी की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी गई है- मायावती

  • बीजेपी घोर जातिवादी, सांप्रदायिक है. 1993 में भी हमारा गठबंधन हुआ था, मगर कुछ कारणों से हमें अलग होना पड़ा था: मायावती
    लखनऊ गेस्ट हाउस कांड से जनहित के मुद्दे को ऊपर रखते हुए हमने गठबंधन करे का फैसला किया है: मायावती
    जनविरोधी पार्टी को सत्ता में आने से रोकेंगे। भाजपा ने यूपी में बेईमानी करके सरकार बनाई: मायावती
    भाजपा के राज में अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है। भाजपा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। आने वली विधानसभा चुनाव में भाजपा को 1977 की तरह नुकसान उठाना पडेगा- मायवाती
    कांग्रेस और भाजपा दोनों की ही एक नीति, कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी लगाई, बोफोर्स में कांग्रेस की सरकार गई, राफेल में भाजपा की सरकार जाएगी: मायावती
  • कांग्रेस के शासन में सबसे ज्यादा घोटाले हुए। कांग्रेस के साथ लड़ने से हमें कोई फायदा नहीं मिलता: मायावती

आपको याद होगा जनवरी 2017 का वो दिन, जब लखनऊ के ताज होटल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी के लड़कों ने एक गठबंधन का ऐलान किया था। जी हां, वो थे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और राहुल गांधी और तारीख थी 29 जनवरी 2017। तब दोनों नेताओं ने लखनऊ के ताज होटल में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में यूपी विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन का ऐलान किया था। आज एक बार फिर उसी ताज होटल में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी है लेकिन दूसरा चेहरा बदला हुआ है। यहां बुआ और भतीजे (मायवती-अखिलेश) की प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी है।

हालांकि 2017 में हुआ गठबंधन सफल नहीं हुआ था और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ही नहीं बल्कि कांग्रेस को भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। तब कांग्रेस को 100 सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद महज 7 सीटों पर ही जीत मिल सकी थी जबकि समाजवादी पार्टी को 47 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। अब तस्वीर बिल्कुल अगल है और सामने हैं लोकसभा चुनाव। समाजवादी पार्टी और बसपा का गठबंधन हो गया है जिसका औपचारिक ऐलान आज खुद दोनों दल के प्रमुख- मायावती और अखिलेश यादव करेंगे।

सूत्रों के मानें तो उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों में से सपा और बसपा की योजना 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ने की है। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) को भी दो या तीन सीटें देने की चर्चा है। हालांकि आरएलडी ने 6 सीटों पर लड़ने की मांग की है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सीट अमेठी और सोनिया गांधी की सीट रायबरेली पर महागठबंधन अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगा।


निषाद पार्टी को भी महागठबंधन में शामिल किया जा सकता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 80 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी गठबंधन ने 73 सीटें जीती थीं और इस बार उसके नेता 73 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं। आपको बता दें कि बसपा-सपा, कांग्रेस और रालोद ने साथ मिलकर उपचुनाव लड़ा था जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर सीट और उप मुख्यमंत्री की फूलपुर सीट से सपा उम्मीदवारों की जीत मिली थी। जबकि कैराना सीट पर रालोद प्रत्याशी ने भाजपा से यह सीट छीनी थी।

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