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भारत की संस्कृति ही बहुआयामी है और इसमें सभी धर्मों को फलने-फूलने का अवसर मिला है-पीएम नरेंद्र मोदी Capture

भारत की संस्कृति ही बहुआयामी है और इसमें सभी धर्मों को फलने-फूलने का अवसर मिला है-पीएम नरेंद्र मोदी

 ‘मुस्लिम युवाओं के हाथ में कुरान के साथ हो कंप्यूटर’ 
पीएम मोदी ने मुस्लिम समुदाय को ज्ञान-विज्ञान और शिक्षा से जोड़ने की भी बात कही। उन्होंने कहा, ‘हमारा सपना है कि मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में कुरान हो और दूसरे हाथ में कंप्यूटर।

   भारत की संस्कृति ही बहुआयामी है और इसमें सभी धर्मों को फलने-फूलने का अवसर मिला है-पीएम नरेंद्र मोदी Capture नई दिल्ली ब्यूरो!प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विज्ञान भवन में इस्लामिक हेरिटेज कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद पर निशाना साधते हुए भारत की बहुरंगी संस्कृति का हवाला दिया। जॉर्डन के किंग के सामने बोलते हुए मोदी  ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को किसी पंथ के खिलाफ लड़ाई समझे जाने की मानसिकता को गलत बताया। पीएम ने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति ही बहुआयामी है और इसमें सभी धर्मों को फलने-फूलने का अवसर मिला है।

   ‘मुस्लिम युवाओं के हाथ में कुरान के साथ हो कंप्यूटर’ भारत की संस्कृति ही बहुआयामी है और इसमें सभी धर्मों को फलने-फूलने का अवसर मिला है-पीएम नरेंद्र मोदी                       300x153
पीएम मोदी ने मुस्लिम समुदाय को ज्ञान-विज्ञान और शिक्षा से जोड़ने की भी बात कही। उन्होंने कहा, ‘हमारा सपना है कि मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में कुरान हो और दूसरे हाथ में कंप्यूटर। हम चाहते हैं कि हमारे मुस्लिम युवा आधुनिकीकरण और ज्ञान-विज्ञान की दुनिया से जुड़ें और वहां भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें।’ पीएम ने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में यह सिर्फ एक राजनैतिक व्यवस्था ही नहीं बल्कि समानता, विविधता और सामंजस्य का मूल आधार है। 

‘भारत होली मनाता है और रमज़ान भी’
 
पीएम मोदी ने भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘दर्शन और मजहब की बात तो छोड़ें भारत के जनमानस में सभी धर्मों के आदर की भावना भरी है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार यह दिल्ली इंद्रप्रस्थ है और सूफियाना कलाओं की सरजमीं भी। हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह यहीं हैं। दिल्ली गंगा जमुना की दोआब की दहलीज है। भारत की मली-जुली संस्कृति का प्रवेश द्वार है भारत की राजधानी। अभी भारत में होली का रंग भरा त्योहार मनाया जा रहा है। कुछ दिन पहले बौद्ध नववर्ष और इस माह के अंत में गुड फ्राइडे और फिर बौद्ध जयंती सारा देश मनाएगा। फिर रमजान का पवित्र माह है और जिसके अंत में ईद-उल-फितुर मनाया जाएगा।’ 

India’s culture is multi-dimensional and has got the opportunity to make all religions flourish – PM Narendra Modi

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