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यदि भारत अद्वितीय है, तो भारतीयता सार्वभौमिक -मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ

वाराणसी, रुपाली सक्सेना । पंद्रहवें प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्‍नाथ ने भारतीय प्रवासियों की स्‍मृतियों और पूर्वजों की भूमि से जुड़ने का भार‍तवंशियों से आह्वान किया।

यदि भारत अद्वितीय है, तो भारतीयता सार्वभौमिक -मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ

मॉरीशस के पीएम ने बताया कि एक शिक्षित और आत्मनिर्भर प्रवासी राष्ट्र निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है और प्रवासी संपर्क सभी पक्षों की मदद कर सकता है।

हिंदी और अंग्रेजी में अपने संबोधन में, उन्होंने कहा कि इस तरह की सभाएं साझा इतिहास और संस्कृति वाले एक परिवार के सदस्यों के रूप में प्रवासी भारतीयों की भारतवंशी होने को पुष्ट करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत अद्वितीय है, तो भारतीयता सार्वभौमिक है। मॉरीशस के पीएम ने बताया कि एक शिक्षित और आत्मनिर्भर प्रवासी राष्ट्र निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है और प्रवासी संपर्क सभी पक्षों की मदद कर सकता है। उन्होंने अपनी भोजपुरी बोली के साथ भीड़ को लुभाया और घोषणा की कि मॉरीशस पहले अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी उत्सव का आयोजन करेगा।

एक देश एक परिवार : मॉरीशस में बसे भारतवंशियों के लिए भारत एक देश ही नहीं बल्कि एक परिवार भी है। वर्षों से यह पारिवारिक संपर्क बना हुआ है जिसे आगे भी और समृद्ध बनाए रखने की जरूरत है। ताकि जड़ों से आपसी संबंध बना रहने के साथ सांस्कृतिक और बुनियादी रिश्तों की खुश्बू बरकरार रहे।

  गंगा का आशीर्वाद : प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए गंगा के किनारे बसे शहर का चयन किया गया है। आयोजन में शामिल होने वाले मॉरीशस के प्रवासी कुंभ भी जाएंगे। लिहाजा मां गंगा का भी आशीर्वाद लेकर मॉरीशस के लोग अपने देश जाएंगे। यह आयोजन भारत वंशियों के लिए सौभाग्य का मौका है। 

यदि भारत अद्वितीय है, तो भारतीयता सार्वभौमिक -मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ

हिंदी की वैश्विक मान्यता : हिंदी को संयुक्त राष्ट्रसंघ की आधिकारिक भाषा बनाने के लिए लिए मॉरीशस का पूरा समर्थन है। देश में विश्व हिंदी संस्थान स्थापित है और हिंदी की भलाई और प्रचार प्रसार के लिए मॉरीशस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसके लिए वह भारत और भारतवंशियों के साथ काम करता रहेगा। इसी कड़ी में भोजपुरी बोली को भी बढ़ावा देने के लिए आपसी सहयोग किया जा रहा है।

इन्हें भी पढ़े – प्रवासी भारतीय सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा- देश में लूट होती रही और कांग्रेस सरकार देखती रही

स्वास्थ्य सेवाएं होंगी साझा : मॉरीशस में भारतीय चिकित्सा पद्धति वह चाहे योग हो, प्राकृतिक चिकित्सा हो या यूनानी इलाज की प्रणाली हो। इन सभी को लेकर भारत के साथ आपसी समझौते और चिकित्सा सेवा संग शिक्षा को भी नए आयाम देने के लिए सरकार पहल कर रही है।

साझा आयोजन पर जोर : भारत वंशियों के आपसी मेल जोल को बढ़ाने के लिए भारत और मॉरीशस को मिल जुल कर काम करने की जरूरत है। इससे दोनों देशों के बीच साझा भारतवंशी नेटवर्क तो बनेगा ही साथ ही साझा आयोजन के जरिए आपसी समझ बनाने से आर्थिक लाभ भी भारतवंशियों को होगा। डायस्पोरा जड़ों से जोड़ता है लिहाजा भारत हमारे लिए दूसरों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

भाषा नहीं तो संस्कृति नहीं : मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने भोजपुरी बोली और हिंदी के संवादों से समूची सभा को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि भाषा नहीं तो संस्कृति भी सुरक्षित नहीं है। मॉरीशस में भारतीय संस्कृति, मूल्य और परंपरा के जीवित रहने की एक बड़ी वजह भाषा और बोली की जीवंतता भी है। 

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