Saturday , February 16 2019 [ 4:35 AM ]
Breaking News
Home / अन्य / देसी चूल्हे पर बने व्यंजनों का स्वाद लेंगे मेहमान, प्रवासियों को मिलेगा घर का अहसास
देसी चूल्हे पर बने व्यंजनों का स्वाद लेंगे मेहमान, प्रवासियों को मिलेगा घर का अहसास

देसी चूल्हे पर बने व्यंजनों का स्वाद लेंगे मेहमान, प्रवासियों को मिलेगा घर का अहसास

वाराणसी (रुपाली सक्सेना )। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस में 21 से 23 जनवरी तक मनाया जा रहा प्रवासी भारतीय दिवस पुराने आयोजनों से कई मायनों में तो खास होगा ही अंदाज भी जुदा अहसास देने वाला होगा। इस लिहाज से ही शासन -प्रशासन की ओर से बिंदुवार तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है। इससे संस्थागत और व्यक्तिगत तौर पर जुड़े लोगों द्वारा भी हर कदम एक अलग थीम और कांसेप्ट को अंगीकार किया जा रहा है। इसमें घुमना -घूमना, देखना-दिखाना, सुनना-सुनाना समेत ढेर सी बातें तो होंगी ही खास होगा खानपान का इंतजाम।

देसी चूल्हे पर बने व्यंजनों का स्वाद लेंगे मेहमान, प्रवासियों को मिलेगा घर का अहसास bsb 300x197   हालांकि शहर के कुछ बड़े होटलों की ओर से पहले भी इस तरह के प्रयोग किए जा चुके हैं लेकिन इस बार इसे टूर गाईड्स की ओर से भी इसकी व्यवस्था की जा रही है। संयुक्त निदेशक पर्यटन डा. अविनाश चंद्र मिश्र के अनुसार प्रवासियों को घरों में ठहराने का इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए लोगों की ओर से आफर आ रहे हैं। इस दौरान एक दूसरे की संस्कृतियों का आदान प्रदान होगा। इसके अलावा पुरानी परंपराओं से रूबरू कराने की भी व्यवस्था की जा रही है।

 अपने अंदाज और मिजाज से खुद को चिरयुवा साबित करते हुए देश-विदेश के सैलानियों को सदा से आकर्षित करने वाली दुनिया की प्राचीन धर्म नगरी का इस मायने में कोई जोड़ नहीं लेकिन बात कचौड़ी-जलेबी, मलइयो और अनगिन लजीज मिठाइयों से दो कदम आगे बढ़ते परदादी-परनानी के दौर तक जाएगी। परंपरावादी परिवारों से जुड़ी आज की युवा पीढ़ी इसे कुछ हद तक साझा चूल्हा के नाम से जानती है। हालांकि वह बात नहीं रह जाती लेकिन अहरे पर बाटी-चोखा की दावतों के रूप में उत्साही युवाओं की टोली यदा-कदा इसे रस्मी तौर पर निभाती भी है।

प्रवासी भारतीय दिवस के लिहाज से इससे भी पहले का कांसेप्ट अंगीकार किया जा रहा है। इसके तहत प्रवासियों को न केवल पुराने जमाने का चूल्हा-चौका दिखाया जाएगा बल्कि इसका हिस्सा भी बनाया जाएगा। कठौती में आंटे की गुंथाई, सील्ह-लोढ़ा पर मसाले की पिसाई, सूप से चावल की पछोराई से लेकर खालिस देशी अंदाज में परंपरागत भोजन पकाने तक में साझीदार बनाया जाएगा। इस तरह बनारस के एक पुराने रंग को महसूसने का मौका उपलब्ध कराया जाएगा। यही नहीं जो होटल में बैठे-बैठे ही घर में देशी अंदाज में पकाए भोजन का स्वाद लेने का लोभ संवरण न कर पा रहे हों तो उनकी मंशा के अनुरूप यह व्यवस्था गृहिणियों के सहयोग से की जाएगी।

 

About Arun Kumar Singh

Check Also

नरेन्द्र मोदी फिर बने भारत के प्रधान मंत्री -सपा नेता एव सांसद मुलायम  सिंह यादव           310x165

नरेन्द्र मोदी फिर बने भारत के प्रधान मंत्री -सपा नेता एव सांसद मुलायम सिंह यादव

लोकसभा में पीएम मोदी की तारीफ चर्चा के केंद्र में है। दरअसल पीएम मोदी की …

Leave a Reply

Copyright © 2017, All Right Reversed.