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5 साल में पहली बार एयरटेल को लगेगा बड़ा झटका, अब यह होगी देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी

15 साल से देश में नबंर एक स्थान पर काबिज एयरटेल को एक बड़ा झटका लगने जा रहा है। एनसीएलटी ने वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर के विलय को मंजूरी दे दी है। इससे 35 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ 23 अरब डालर मूल्य देश की       सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बनने का रास्ता साफ हो गया है। 
 
    [object object] 5 साल में पहली बार एयरटेल को लगेगा बड़ा झटका, अब यह होगी देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी vvv 300x123  दूरसंचार क्षेत्र की प्रस्तावित दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया लि. अपने वृहत आकार के साथ भारती एयरटेल को पीछे छोड़ देगी जो फिलहाल देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है।वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर के ग्राहकों की संख्या करीब 44.3 करोड़ है। वहीं भारती एयरटेल के ग्राहकों की संख्या 34.4 करोड़ है।
मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि प्राधिकरण (एनसीएलटी) से मंजूरी मिल गयी है और अगले कुछ घंटों में संयुक्त बयान जारी किये जाने की संभावना है।
        नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने वोडाफोन और आइडिया के प्रस्तावित मर्जर को हरी झंडी दे दी है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इससे पहले पिछले महीने दूरसंचार विभाग (DoT) ने भी इस विलय को मंजूरी दे दी थी। गौरतलब है कि वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर ने 20 मार्च 2017 को अपने मर्जर की घोषणा कर दी थी।
आदित्य बिरला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला मर्जर से बनने वाली नई कंपनी के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन होंगे, जबकि वोडाफोन इंडिया के मौजूदा चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बालेश शर्मा कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव होंगे।
आइडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फैसला किया था कि कंपनी का नाम आइडिया सेल्युलर लिमिटिड से बदलकर वोडाफोन आइडिया लिमिटेड रखा जाएगा।
        रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) ने वांछित नाम वोडाफोन आइडिया लिमिटेड की उपलब्धता पर इसको 24 मई 2018 को मंजूरी दे दी थी। कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों और नियमों के अंतर्गत कंपनी को अपने नाम में परिवर्तन के लिए विशेष प्रस्ताव के जरिए शेयरधारकों की स्वीकृति प्राप्त करने की आवश्यकता होती है।
        बीते साल 13 अक्टूबर को आइडिया सेल्युलर के शेयर होल्डर्स ने कंपनी के मोबाइल बिजनेस के वोडाफोन के साथ मर्जर को मंजूरी दे दी थी। आइडिया के करीब 99 फीसद शेयरहोल्डर्स ने 12 अक्टूबर 2017 को हुई एक बैठक में इस मर्जर प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया था। यह जानकारी स्टॉक फाइलिंग में कुमार मंगलम बिड़ला ने दी है।
22 मार्च को दोनों कंपनियों ने घोषणा की थी कि वोडाफोन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बालेश शर्मा को मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी का नया सीईओ नियुक्त किया जाएगा।
कुमार मंगलम बिड़ला मर्जर से बनने वाली कंपनी के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन होंगे।
 
देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी के पास नेटवर्क सुधारने का भी मौका होगा. क्योंकि, स्पेक्ट्रम के मामले में भी कंपनी के पास सबसे बड़ा नेटवर्क 
 
आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया के मर्जर को NCLT से भी मंजूरी मिल चुकी है. अब कंपनियां जरूरी फेरबदल कर रही हैं. मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव हो रहा है. देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनने जा रही वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड में यूजर्स के लिए क्या बदलाव होंगे. कंपनी नए नाम से ही नए सिम जारी करेगी या मौजूदा यूजर्स को उन्हीं के सिम पर नए ऑफर्स मिलेंगे. इसे लेकर सबके मन में सवाल जरूर उठ रहा होगा. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि मर्जर के बाद दोनों कंपनियों के यूजर्स के लिए क्या बदलाव होंगे.
 
 …तो क्या बदलना होगा सिम?
आइडिया और वोडाफोन का मर्जर पूरा होने के बाद मौजूदा यूजर्स को नया सिम लेने की जरूरत नहीं होगी. कंपनी अपने सिस्टम में ही पुराने यूजर्स का डाटा अपडेट करेगी. साथ ही उन्हें पुराने नंबर और सिम पर ही नए ऑफर्स मिलेंगे. हालांकि, सोशल मीडिया पर यह चर्चा उठी थी कि मर्जर के बाद यूजर्स को नया सिम लेना होगा. हालांकि, यह संभावना है कि कंपनी नए नाम के साथ नए सिम भी जारी करेगी. लेकिन, यह सिम नए यूजर्स के लिए होंगे. मौजूदा यूजर्स की कंपनी खुद बदल जाएगी. लेकिन, उन्हें सिम नहीं बदलना होगा. कंपनी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों ही कंपनियां पहले ही सिस्टम को 4 जी सेवा के अनुरूप अपडेट कर चुकी हैं. ऐसे में पुराने यूजर्स को सिम बदलने की कोई जरूरत नहीं होगी.
 
 सुधरेगा नेटवर्क
देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी के पास नेटवर्क सुधारने का भी मौका होगा. क्योंकि, स्पेक्ट्रम के मामले में भी कंपनी के पास सबसे बड़ा नेटवर्क होगा. इससे कॉल ड्रॉप और कनेक्टिविटी की समस्या नहीं होगी. खास बात यह है कि वोडाफोन और आइडिया के मिलने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कंपनी की पकड़ होगी. ऐसे में यूजर्स को बड़ा फायदा मिलेगा. 4जी कनेक्टिविटी में भी बड़ी सुधार देखने को मिलेगा.
 
 टेलीकॉम सेक्टर में फिर होगा प्राइस वॉर
रिलायंस जियो की एंट्री के बाद से टेलीकॉम सेक्टर में प्राइस वॉर जारी है. ऐसे में वोडाफोन-आइडिया के मर्जर के बाद एक बार फिर प्राइस वॉर छिड़ेगा. वोडाफोन-आइडिया के पास सबसे ज्यादा यूजर्स होंगे. साथ ही अब उनके पास यह स्पेस होगा कि वह सस्ती दरों पर लोगों को बेहतर ऑफर पेश कर सकें. जियो के आने के बाद से ही कंपनियों ने अपने दाम में बड़ी कटौती की थी. अब फिर से नए प्लान्स की भरमार होगी. एयरटेल और जियो भी अपने यूजर्स को रोके रखने के लिए नए प्लान्स पेश कर सकती हैं.
 
 कब से मिलेंगे ऑफर्स
चर्चा है कि अब वोडाफोन और आइडिया अपने यूजर्स के लिए बड़े ऑफर्स पेश कर सकती है. हालांकि, कंपनी से जुड़े सूत्रों की मानें तो औपचारिक घोषणा होने और प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों कंपनियों के ग्राहक अलग ही रहेंगे. दोनों के ऑफर्स भी अलग होंगे. फिलहाल के लिए ऑफर्स में बदलाव नहीं होगा. नई कंपनी बनने के बाद ही ग्राहकों के लिए नए प्लान निकाले जाएंगे. हालांकि, यह प्लांस पहले की तरह ही होंगे या नहीं इसको लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता. मर्जर के बाद ही स्थिति साफ होगी.
 
 टावर्स होंगे अपडेट
मर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी पुराने टावर्स को भी अपग्रेड करेगी. दरअसल, वोडाफोन-आइडिया के पास पहले के मुकाबले ज्यादा स्पेक्ट्रम होगा. फिलहाल, कंपनी 2 जी और 3 जी कम्पैटिबल टावर्स का इस्तेमाल करती है. नई कंपनी बनने से वह भी 4 जी टावर्स में जाएगी. इससे उसे स्पीड बढ़ाने में फायदा मिलेगा. जियो की टक्कर में कंपनी के पास यूजर्स बेस बढ़ाने का मौका होगा. एयरटेल पहले ही अपने टावर अपग्रेड करने में जुट गई है.
 
 रेवेन्यू शेयर के लिए बढ़ेगी वॉर
टेलीकॉम एक्सपर्ट्स का मानना है कि वोडाफोन-आइडिया के मर्जर से मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो पर कोई खास असर नहीं होगा. लेकिन, प्राइस वॉर जारी रहेगी. अब रिलायंस जियो को भी नए आकर्षक ऑफर निकालने होंगे. साथ ही एयरटेल के कस्टमर्स को भी नई पेशकश मिल सकती है. टेक रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस जियो ने अपने रेवेन्यू शेयर को 30 फीसदी तक पहुंचाने के लिए प्लांस को जारी रखने का फैसला किया है. फिलहाल, जियो की रेवेन्यू में हिस्सेदारी 20 फीसदी है.
 
 वोडाफोन-आइडिया देंगे बंपर ऑफर
टेलिकॉम एनालिस्ट के मुताबिक, जियो अपने ग्राहकों को मार्च 2019 तक सुविधा देता रहेगा. मौजूदा प्लांस में कोई बदलाव नहीं होगा. हालांकि, प्रीपेड ग्राहकों के लिए आकर्षक ऑफर आ सकते हैं. मार्केट में अभी जो ऑफर्स मिल रहे हैं, उनसे भी बेहतर प्लान आने की उम्मीद है. वोडाफोन-आइडिया ग्राहकों के लिए बंपर ऑफर आने वाले हैं. उम्मीद है कि जियो की तरह ये कंपनियां भी कुछ मेम्बरशिप प्लान ऑफर कर सकें. इसके अलावा मौजूदा प्लांस की कीमतों में बड़ी कटौती की हुई है.
 
 30% तक कम होंगे दाम
एक रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा प्लांस की कीमतों में बड़ी कटौती होगी. 30 फीसदी तक दाम कम हो सकते हैं. इसके अलावा, वैल्यू ऐडेड सर्विस को भी फ्री में ऑफर किया जा सकता है. यही नहीं, बिल्स पर एडिशनल छूट के ऑफर्स भी हो सकते हैं. वही प्रीपेड ग्राहकों के लिए बड़े प्लांस आने की संभावना है. वन टाइम प्लान में बेहतर और आकर्षक ऑफर होंगे.

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