Wednesday , April 24 2019 [ 5:31 AM ]
Breaking News
Home / विविध / अध्यात्म एवं राशिफल / कुंभ के दौरान एकादशी का है विशेष महत्व
कुंभ के दौरान एकादशी का है विशेष महत्व                 495x330

कुंभ के दौरान एकादशी का है विशेष महत्व

कुंभ के दौरान एकादशी का है विशेष महत्व

कुंभ का पर्व एक महान अवसर है। ज्योतिष एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ रुपाली सक्सेना के अनुसार कुम्भ में प्रयागराज में एकादशी के दिन संगम तट पर निवास करना तथा पूजा पाठ व दान करना सौभाग्य की बात है।

एकादशी व्रतों का राजा है। इस महान पर्व पर संगम में स्नान करके सूर्य तथा विष्णु जी की पूजा करने से कई जन्मों के पापों का नाश होता है। पूरे कुंभ स्नान के दौरान जितनी भी एकादशी पड़ती है प्रत्येक एकादशी का व्रत करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। संगम तट पर तमाम साधनाएं व सिद्धियां भी इस महान दिवस पर आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं।

कैसे करें व्रत-
इस दिन प्रातः काल ब्रम्ह मुहूर्त में उठकर संगम में स्नान करके मंदिर में उचित आसन पर बैठ जाना चाहिए। अब धूप बत्ती और घी का दीपक जलाएंगे। भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने दीपक रखेंगे। श्री गणेश पूजन के पश्चात अपनी एकादशी पूजा आरंभ करेंगे। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि माता लक्ष्मी की पूजा भी विष्णु जी के संग करनी चाहिए। अब श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें तत्पश्चात श्री सूक्त का पाठ करें। इस अवसर पर श्री रामचरितमानस का पाठ भी करें विशेषकर अरण्यकांड का पाठ भक्ति पूर्वक करें। सुन्दरकाण्ड का पाठ भी कर सकते हैं।

रखेंगे फलाहारी व्रत-
एकादशी का व्रत फलाहारी करेंगे। पारण अगले दिन शुभ मुहूर्त पर होगा। इस अंतराल पर अन्न नहीं ग्रहण करना है। रोगी,बालक तथा वृद्ध केवल पूजा करें उनको व्रत से छूट प्राप्त है।

सत्य ही बोलें-
इस एकादशी में संगम तट पर असत्य बोलना या किसी की निन्दा करने से व्रत का फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए प्रयास करें कि सत्य ही बोलें।

पूरी रात्रि करें हरि नाम संकीर्तन-
एकादशी की रात्रि सोना नहीं चाहिए। समूह में एक टोली बनाकर संगम तट पर या मंदिर में हरि नाम का संकीर्तन करें। स्मरण रहे कि कलयुग में भगवान के नाम का जप सबसे ज्यादा प्रभावशाली है। इस प्रकार श्रद्धा पूर्वक कुम्भ में एकादशी का व्रत करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन अन्न का दान अवश्य करें। भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एकादशी आपके जीवन में एक महान अवसर प्रदान करती है। अतः इस महान पुण्य को प्राप्त करें। इस दिन गरीबों में कम्बल तथा ऊनी वस्त्रों का दान अवश्य करें।

About Arun Kumar Singh

Check Also

लोकतंत्र के महापर्व यानि लोकसभा चुनाव 2019: दूसरे फेज की वोटिंग में करीब 66 फीसदी वोट पड़े Capture 14 298x165

लोकतंत्र के महापर्व यानि लोकसभा चुनाव 2019: दूसरे फेज की वोटिंग में करीब 66 फीसदी वोट पड़े

लोकतंत्र के महापर्व यानि लोकसभा चुनाव के लिए 18 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान …

Leave a Reply

Copyright © 2017, All Right Reversed.