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सुल्तानपुर!अवंतिका रेस्टोरेंट के मालिक को मारी गोली,ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर!गोली मारने की घटना का वीडिओ देखे

जनता सावधान! 

[object object] सुल्तानपुर!अवंतिका रेस्टोरेंट के मालिक को मारी गोली,ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर!गोली मारने की घटना का वीडिओ देखे 1f525🔥 आयेदिन जिलें में हो रही लूट, छिनैती, अपहरण, हत्याएं व बलात्कार कही भाजपा सरकार को बदनाम करने की साजिश तो नही?*

        सुलतानपुर,डॉ सचिन सिंह। वैसें तो जनपद सुलतानपुर वर्षो से पूरे भारत में चाहे वो राजनीति का क्षेत्र हो, भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के क्षेत्र मे, या फिर अपराध का क्षेत्र हो, अपनी एक अलग ही पहचान बना रखा है। मैं ये नही कहूंगा कि वर्तमान पुलिस कप्तान अमित वर्मा के जिलें में चार्ज लेने से पहलें जनपद सुलतानपुर अपराध मुक्त था, लूट, छिनैती, बलात्कार, अपहरण, व हत्याएं पहलें भी होती थी।
       किन्तु हकीकत अगर देखा जाय तो इतिहास गवाह है कि जिस दिन से जनपद सुलतानपुर की सरहद में अपनें आपको तेज-तर्रार व ईमानदार कहने वालें कप्तान अमित वर्मा ने जिलें में कदम रखा, उस दिन के बाद से आजतक इतिहास गवाह है कि अपराधियों द्वारा जिलें में एक से एक ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया गया, जिसके बारे में महज सोच लेने भर से कलेजा कॉप उठता है। 

   सुल्तानपुर में अपराधों का सिलसिला जारी नहीं रूक रही हत्यायें

  [object object] सुल्तानपुर!अवंतिका रेस्टोरेंट के मालिक को मारी गोली,ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर!गोली मारने की घटना का वीडिओ देखे Cap             300x99 अभी अभी सुल्तानपुर में बस अडडा के अवन्तिका होटल के मालिक आलोक आर्या  की  दुकान में घुसकर अपराधियों ने गोली मारकर किया घायल आनन फानन में लाया गया जिला अस्पताल वहाँ डाक्टरो लखनऊ किया रिफर सूत्रो से मिली खबर के अनुसार हालत गंभीर बताई जा रही है पुलिस ने शुरू की नाकेबंदी, हमलावरों की तलाश
बाजार बंद, बस स्टेशन पर अफरातफरी
गोली मारते हुए कैमरे में हुआ कैद अपराधी ! देखे वीडिओ

 आप अपनें जानमाल की रक्षा स्वयं करे, जनपद की पुलिस धनउगाही में व्यस्त है?

      गौरतलब हो कि बीतें लगभग एक साल एक महीनें में जिलें के रिकार्ड पर अगर आप गौर करे तो जिलें में कप्तान द्वारा चार्ज लेने के बाद कुछ दिनों बाद ही लगातार जिला मुख्यालय पर ही दो मासूम मात्र 3 साल की बच्ची के साथ दरिन्दगी, गोलाघाट पर से एक कक्षा 6-7 की छात्रा को भरे चौराहें से अगवाकर बलात्कार, के अलावा जिलें में शायद ही कोई ऐसा सप्ताह बीता होगा, जिसमें कोई न कोई छोटी व बड़ी घटनाओं को अपराधियों द्वारा अंजाम न दिया गया हो। हद तो इस बातपर होती है कि जिलें में जब भी अपराधियों द्वारा किसी घटना को अंजाम दिया गया, तब-तब कप्तान महोदय द्वारा उस घटना पर पुलिस का शिकंजा कसने की बजाय, ज्यादातर उस क्षेत्र के इंचार्ज का या तो तबादला कर या फिर संस्पेंड कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गयी। 
   जिसका जीता-जागता उदाहरण अभी हाल में ही गभड़िया चौकी के अन्तर्गत हुई लूट में इंचार्ज उमाकान्त शुक्ला को लाइनहाजिर किया जाना। यही नही सूत्रों की अगर मानें तो कप्तान अमित वर्मा का चित्रकूट से लेकर सुलतानपुर तक के सर्विसकाल का रिकार्ड रहा है कि मात्र इनकी चापलूसी व चमचागिरी करने वालें कमाऊपूत सिपाही व दरोगा को ही इनके शासन में राजभोग का सुख प्राप्त हुआ है, शेष पुलिसकर्मी इनकी निगाह में चढ़े रहते है,!
    अगर विश्वास नही होता तो याद करिये अभी बीतें माह कप्तान साहब के इशारों पर उनके चहेतें कमाऊपूत कोतवाल श्याम सुन्दर पाण्डेय द्वारा नीलामी के एक दिन पहलें नई कार होंडासिटी जो साहब की आखों में कई महीनों से चढ़ी थी, उसको साहब के कहने पर रातो-रात कोतवाली परिसर से निकलवाकर जिलें से बाहर भिजवा दी गयी थी, जिसके बारे में मीडिया के लाख पूछनें पर भी रामभक्त हनुमान की जुबां पर एक भी बार उस कार का जिक्र नही किया गया, बस यही कहते रहे कि किसी चारपहिया की नीलामी नही हुई। जबकि दूसरे ही दिन नीलामी में कार का जिक्र विज्ञप्ति के जरिये शोसलमीडिया पर कबूल किया गया।

   यही नही सूत्र बतातें है कि कोतवाल एस०एस० पाण्डेय के कार्यकाल में खुलेआम मुख्यालय के अपराधियों को पुलिस की छत्रछाया मिल रही है, और हर रोज अपराधी दिन-दहाड़े एक नई घटना को अंजाम दे रहे है, बावजूद उसके सबकुछ जानते हुए भी कप्तान द्वारा अपने कमाऊपूत माननीय पाण्डेय जी की पीठ थपथपातें हुए नजर आ रहे है। जबकि सूत्रों की मानें तो वही पर आंखो के किरकिरें बने कुछ जिलें के दरोगा को आयेदिन जरा-जरा सी बातपर लाइनहाजिर कर दिया जाता है। 
   सूत्र बतातें है कि नियमों की मजबूरी व उच्चाधिकारियों को जबाब देने के डर से ऐसे दरोगाओं से अपने विभागीय चहेतें वसूली एजेंट के जरिये मोटी रकम लेकर पुन: किसी जगह तैनात कर दिया जाता है। अब आप खुद ही सोंचिये कि क्या ऐसे में जिलें की पुलिस से अमन-चैन की उम्मीद की जा सकती है?

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