Wednesday , August 22 2018 [ 1:01 PM ]
Breaking News
Home / अन्य / बंगाल में 41 फीसद किशोरियां खुद को महसूस करती हैं असुरक्षित-रिपोर्ट
[object object] बंगाल में 41 फीसद किशोरियां खुद को महसूस करती हैं असुरक्षित-रिपोर्ट teen 625x330

बंगाल में 41 फीसद किशोरियां खुद को महसूस करती हैं असुरक्षित-रिपोर्ट

     कोलकाता,संवाददाता । पश्चिम बंगाल में 41 फीसद किशोरियां खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। वे पड़ोस की संकरी गलियों और अपने स्कूल के आसपास के इलाकों को अपने लिए महफूज नहीं मानतीं। इसकी प्रमुख वजह वहां की खराब रोशनी, बदमाशों के समूह की मौजूदगी और सुरक्षाकर्मियों का दिखाई नहीं देना है।

[object object] बंगाल में 41 फीसद किशोरियां खुद को महसूस करती हैं असुरक्षित-रिपोर्ट teen 300x178सेव द चिल्ड्रेन’ नामक संस्था की ओर से बुधवार को महानगर में जारी की गई अध्ययन रिपोर्ट में यह चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

विंग्स 2018 : व‌र्ल्ड ऑफ इंडियाज ग‌र्ल्स’ नामक इस रिपोर्ट को पश्चिम बंगाल बाल सुरक्षा अधिकार आयोग की चेयरपर्सन अनन्या चक्रवर्ती, महिला आयोग की मारिया फर्नांडीज, सेव द चिल्ड्रेन की उप निदेशक डा. नम्रता जेटली व महाप्रबंधक-स्टेट प्रोग्राम (पश्चिम बंगाल व असम) चित्तप्रिय साधु, चाइल्ड चैंपियन बुशरा हाशमी व यूथ चैंपियन शेख शाबाज ने जारी किया।

     रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बंगाल के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों की अधिकांश लड़कियों को उन्हें परेशान किए जाने, हमला होने, उनका पीछा किए जाने, लूटपाट होने और अपहरण किए जाने का डर सताता है। इनमें से 27 फीसद लड़कियों को ही लगता है कि उनके साथ ऐसी कोई घटना होने पर उनके माता-पिता थाने जाकर शिकायत दर्ज कराएंगे।

       बाकियों को लगता है कि उनके बाहर आने-जाने पर अंकुश लगा दिया जाएगा और बहुत सी पाबंदियां लगा दी जाएंगी। उनकी जल्द शादी कराई जा सकती है, पढ़ाई रोकी जा सकती है और लड़कों से दोस्ती करने पर भी मनाही हो सकती है। पश्चिम बंगाल, दिल्ली, असम, महाराष्ट्र, तेलंगाना और मध्य प्रदेश जैसे छह राज्यों में 4,000 से अधिक किशोर-किशोरियों एवं 800 माता-पिता पर यह सर्वेक्षण किया गया है

    इनमें बंगाल के 12 जिलों के 30 शहर एवं 84 गांव शामिल हैं। बंगाल में 470 किशोरियों, 170 किशोरों 151 माता-पिता एवं 46 ऐसी युवा महिलाओं पर यह अध्ययन किया गया है, जिनकी कानूनी उम्र से पहले ही शादी कर दी गई थी। 42 फीसद माता-पिता को लगता है कि अगर घर के बाहर किसी लड़की का शारीरिक रूप से उत्पीड़न होता है तो लोगों को उससे बारे में पता चल जाता है तो समुदाय में उसके लिए लड़का मिलना मुश्किल हो जाएगा। 53 फीसद किशोरियों को उन्हें परेशान किए जाने से ज्यादा सामाजिक बहिष्कार का डर सताता है।

west-bengal/kolkata-teenagers-feel-themselves-insecure-in-bengal-

About Arun Kumar Singh

Check Also

[object object] हर वर्ष विभाजन की टीसें छोड़ जाता है स्वतन्त्रता दिवस              310x165

हर वर्ष विभाजन की टीसें छोड़ जाता है स्वतन्त्रता दिवस

      मानचित्र में जो दिखता है नहीं देश भारत है। भू पर नहीं …

Leave a Reply

Copyright © 2017, All Right Reversed.